पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में केंद्रीय सामाजिक एवं अधिकारिता राज्यमंत्री और रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष रामदास अठावले ने पूर्वांचल राज्य की मांग छेड़कर नया विवाद शुरू कर दिया है। भाजपा इससे बचाव की मुद्रा में आ गई है।
पार्टी का मानना है कि इसे पूर्वांचल राज्य के गठन की लंबे समय से की जा रही है। इसके विकास के लिए प्रदेश सरकार ने 1991 में पूर्वांचल विकास निधि की स्थापना की। पूर्वांचल से 117 विधायक और 23 सांसद आते हैं। बावजूद इसके यहां बेरोजगारी, शिक्षा, सड़कें, बिजली, पेयजल आदि की कमी है।
इस कारण यहां के लोग रोजी-रोजगार के लिए पंजाब से लेकर महाराष्ट्र तक में जाते हैं। मामले में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि पूर्वांचल को लेकर अठावले का निजी बयान है। भाजपा का फोकस प्रदेश के विकास पर है।
प्रदेश के हर हिस्से का बराबर विकास होगा। पार्टी इसी लाइन पर आगे बढ़ रही है। बता दें कि पूर्वांचल राज्य की मांग के लिए पिछले दिनों कई संगठनों ने पीएम के संसदीय कार्यालय पर प्रदर्शन किया था।