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बनारस के मकान में विस्फोट: पितरकुंडा धमाके में छह मौतों के बाद भी नहीं चेता पुलिस-प्रशासन

Thu, 25 Oct 2018 10:29 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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अवैध तरीके से रखे और बनाए जा रहे पटाखों में गैस सिलिंडर के लीक होने से लगी आग - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के पितरकुंडा में 25 अक्तूबर 2016 को अवैध तरीके से पटाखा बनाने के दौरान हुए धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी जिला पुलिस और प्रशासन पटाखों की अवैध बिक्री को लेकर गंभीर नहीं हुआ। नतीजतन, दो साल बाद एक बार फिर बुधवार को लहरतारा में दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहा है। इससे पहले वर्ष 2009 में लोहता थाना के अलावल में पटाखा बनाने के दौरान पिता-पुत्र की मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।
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शहर मेें पटाखे के अवैध भंडारण और बिक्री के लिए घनी आबादी वाले दालमंडी, नई सड़क, हड़हा, लल्लापुरा, पितरकुंडा, दोषीपुरा और लोहता थाना के कुछ क्षेत्र चिह्नित हैं। सूत्रों के अनुसार इन इलाकों में दीपावली के लगभग एक माह पहले ही पटाखों का अवैध तरीके से भंडारण कर लिया जाता है।  50 करोड़ से रुपये ज्यादा के पटाखे अवैध तरीके से दालमंडी से पूर्वांचल के जिलों में बिक्री के लिए जाते हैं। इस काम में स्थानीय पुलिस, एलआईयू के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की भी मिलीभगत होती है। 

कल ही आई थी ससुराल से, जाना था मंदिर

धमाके के बाद मंडलीय अस्पताल पहुंचाई गई रिंकू की बहन सुनीता ने बताया कि वो मंगलवार की शाम ससुराल से बच्चों के साथ लहरतारा स्थित अपने मायके आई थी। बुधवार को मंदिर जाने की तैयारी थी। हालांकि सुनीता का ससुराल कहां हैं और धमाका किस वजह से कैसे हुआ, इन सबके बारे में सुनीता ने कुछ कहने से साफ इंकार कर दिया। पत्रकाराें की भीड़ अस्पताल में बढ़ने लगी तो सुनीता खुद की हालत सामान्य बताते हुए डिस्चार्ज कराई और मौके से खिसक ली।

सीओ चेतगंज के साहस की हुई वाहवाही

लहरतारा निवासी रिंकू के घर में धमाके के बाद मौके पर अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ ही सीओ चेतगंज अंकिता सिंह भी पहुंची। रिंकू के मकान के पिछले हिस्से की खिड़की से अंदर घुस कर वो राहत और बचाव कार्य में लगी रहीं। आरिफ को मलबे से बाहर निकाल लिया गया तब वो बाहर आईं। सीओ चेतगंज के साहस और राहत कार्य में उनकी तत्परता देख मौजूद अधिकारियों के साथ ही आमजन ने भी खासी वाहवाही की।

पति आएंगे तो बताएंगे कि कैसे हुआ धमाका

रिंकू के घर में धमाके के बाद उसकी बेटी बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है और पत्नी शालू देखभाल कर रही है। पुलिस अधिकारी उससे पूछताछ करने पहुंचे तो उसने कहा कि उसे नहीं पता कि धमाका कैसे हुआ है। पति आएंगे तो वही बताएंगे कि कैसे धमाका हुआ। इतना कहते ही वह रोने लगती। उसका कहना था कि पति को भी चोटें आई हैं। बार-बार कह रही थी कि मेरे पति कहां हैं, पुलिस उन्हें खोज कर लाए। इस बीच पुलिस के 10 फैंटम दस्ते, पांच चौकी प्रभारियों और तीन थानेदारों ने शहर के अलग-अलग नर्सिगिंहोम मेें रिंकू और उसके भाई टिंकू को खोजा लेकिन दोनों का पता नहीं लगा।
 

आरिफ ने पुलिस को बताया गलत नाम-पता

मंडलीय अस्पताल में गंभीर हाल में भर्ती आरिफ ने पुलिस को अपना नाम और पता गलत बताया है, इसकी पुष्टि देर रात हुई। दरअसल, आरिफ से मिलने दो युवतियां और दो युवक अस्पताल आए थे। दोनों युवक पुलिस को देख कर भागने लगे। इस बीच दोनों युवतियों को पुलिस ने पकड़ लिया तो उन्होंने बताया कि भर्ती व्यक्ति आरिफ नहीं अब्दुल्ला है। रहने वाला कहां का है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उधर, आरिफ द्वारा मुगलसराय स्थित उसके घर का जो पता बताया गया था वह भी पुलिस की जांच में गलत निकला।
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मंत्री से कहा अवैध तरीके से बनता था पटाखा


प्रदेश के कबीना मंत्री सुरेश खन्ना मंडलीय अस्पताल में घायलों का हालचाल जानने पहुंचे थे। इस दौरान घायल निर्मला देवी के परिजनों ने मंत्री को बताया कि रिंकू के घर में अवैध तरीके से पटाखा बनाया और बेचा जाता था। इसके चलते उसका घर भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इस पर मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को घटना की जांच गंभीरता से कर सही तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने को कहा।
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