ऐसे समय में जब हम सब मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पर जोर दे रहे हैं तो स्वदेशी तकनीक के अच्छे मानकों को सुनिश्चित करना आवश्यक है। संस्थान के अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. विकास कुमार दुबे ने बताया कि यह समझौता ज्ञापन इस दिशा में बड़ा कदम हो सकता है।