पहले की तरह अब नगर निगम से ही जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। बुधवार को सदन की बैठक में सदस्यों की आम सहमति से इस पर निर्णय लिया गया। पार्षदों ने डेंगू, चिकनगुनिया के रोकथाम के लिए फागिंग का हिसाब मांगा। कई मुद्दों पर अधिकारियों को घेरा।
सदन की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के सीताराम केशरी, सपा के विजय जायसवाल, अजय जैन ने फागिंग का मुद्दा उठाया। वहीं भाजपा के अशोक मिश्रा, सत्यप्रकाश सिंह, शंकर विश्नानी, असलम खां ने जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र नगर निगम में न बनने की समस्या उठाई। पार्षदों ने नगर निगम के कमरे में लोकवाणी केंद्र संचलन पर नाराजगी जाहिर की।
इस पर अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी जवाब नहीं दे सके। इसके बाद अध्यक्ष रामगोपाल मोहले ने आदेश दिया कि लोकवाणी केंद्र बंद कर जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र को फिर से निगम में बनाने की प्रक्रिया पूर्व की भांति यथावत रहेगी। सपा पार्षद वरुण सिंह ने एलईडी में धांधली का मुद्दा उठाया। एक्सईएन लोकेश जैन से एलईडी का हिसाब मांगा। पार्षद अजीत सिंह, दिलीप यादव ने पक्के महाल और गंगा घाटों की सफाई का जिम्मा संभाल रही संस्था पर हीलाहवाली का आरोप लगाया।
निर्णय हुआ कि दूसरी संस्था से काम कराया जाए। सदस्य नरसिंह दास ने बाल उद्यान में धोबीघाट निर्माण पर विरोध जताया। बैठक में जलकल के जीएम बीके सिंह, मुख्य कर अधिकारी महातम यादव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश कुमार, एक्सईएन लोकेश जैन उपस्थित थे।