तलाशी के बाद बाहर खड़ाकर बिड़ला हॉस्टल के छात्रों की वीडियोग्राफी करती पुलिस।
जूनियर डॉक्टरों और कला संकाय के छात्रों के बीच बवाल के मद्देनजर गुरुवार की दोपहर एडीएम सिटी और एसपी सिटी की अगुवाई में पुलिस-प्रशासन ने बिड़ला अ, ब और स हॉस्टल में सर्च आॅपरेशन चलाया। प्रवेश द्वार बंद कराकर छात्रों को हॉस्टल के सामने लॉन में खड़ा कराकर उनकी वीडियोग्राफी कराई गई। साथ ही, सभी के परिचय पत्र चेक किए गए। उनके कमरों को भी खंगाला गया। बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स के धमकने से छात्र सहमे दिखे। हर तरफ अफरातफरी का आलम नजर आया। कुछ छात्र तो कमरे में ताला लगाकर भाग निकले। हालांकि किसी भी हॉस्टल से कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई। इस बीच, घटना की जांच के लिए कुलपति ने चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। 26 छात्रांे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बवाल के मद्देनजर में बिड़ला हास्टल में पुलिस-प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से संयुक्त सर्च अभियान चलाए जाने के साथ ही घटना की जांच के लिए कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
प्रबंध अध्ययन संस्थान के प्रो. एसके सिंह को कमेटी का अध्यक्ष्ा बनाया गया है। इस कमेटी में प्रो. टीपी चतुर्वेदी, प्रो. अजय कुमार आैर सहायक कुलसचिव शिक्षण पीके सिन्हा शामिल हैं। कुलपति ने कमेटी से 15 दिन के अंदर मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस बीच, आईएमएस के निदेशक प्रो. वीके शुक्ला ने पत्र जारी कर जूनियर डॉक्टरों से हड़ताल खत्म करने की अपील की है।
अफसरों ने सर्च आॅपरेशन के दौरान छात्रों को समझाया कि बाहरी लोगों को हॉस्टल में न ठहरने दें। आपरेशन में छह क्षेत्राधिकारी, 16 थानों की पुलिस और पीएसी के साथ ही बीएचयू प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्य शामिल रहे। हालांकि परिसर का माहौल संगीनों के साये में सामान्य दिखा। एहतियातन बीएचयू गेट, वीसी लॉज, रुइया चौराहा, बिड़ला चौराहा और धन्वंतरि हॉस्टल के पास बड़ी संख्या में फोर्स तैनात रही। लंका गेट के आसपास के दूकानदार चिंतित थे कि कहीं फिर बवाल न भड़क जाए।
बिड़ला अ, ब और स हॉस्टल में पुलिस द्वारा सर्च आपरेशन चलाए जाने से सीधेसादे छात्र बेहद असहज दिखे। अधिकतर का कहना था कि झगड़ा और बवाल मुट्ठी भर अराजकतत्व करते हैं और उनके चक्कर में परेशान सबको होना पड़ता है। वे बवाल के बाद हाॅस्टल से भाग जाते हैं और परेशान दूसरे छात्रों को होना पड़ता है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि हास्टल में औचक सर्च आपरेशन चलाए और यह हर निर्धारित अंतराल पर होता रहे। ऐसा हुआ तो न सिर्फ बाहरी छात्रों पर अंकुश लगेगा बल्कि हास्टल में रहने वाले छात्र भी सचेत होंगे।