भूटान की राजमाता आशी दोरजी व्योमे वांग्चुक ने शुक्रवार को सारनाथ में दर्शन पूजन किया। विश्व शांति की कामना की। इस दौरान उनके परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे। राजमाता गुरुवार शाम वाराणसी पहुंचीं। होटल दि गेट वे से सुबह सारनाथ पहुंचीं। सबसे पहले खंडहर परिसर की ओर गईं। धमेख स्तूप की परिक्रमा कर विश्व शांति के लिए पूजा पाठ कीं।
इसके बाद मूल गंध कुटी विहार गईं। मंदिर में महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के सहायक सचिव भिक्षु मेधांकर ने पूजा पाठ कराया। इसके बाद राजमाता परिवार के साथ बोधि वृक्ष के दर्शन-पूजन करने पहुंचीं। वहां उन्हें पवित्र वृक्ष के करीब तक जाने दिया गया। विधिविधान से पूजा-पाठ कर खाता अर्पण किया। बोधि वृक्ष का पत्ता भी लिया।
इसके बाद चौखंडी स्तूप पहुंचीं, जहां भिक्षुआें ने पूजन कराया और खाता अर्पण कराया। उनके पोते जिगमी जिगतेन वांग्चुक और जिगमे वांग्चुक भी पूजा में शामिल हुए। भारतीय व्यंजनों का लुत्फ भी उठाया। वह शनिवार की सुबह हैदाराबाद के लिए रवाना हो जाएंगी।