बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर के नए प्रभारी प्रो. माधव जनार्दन रटाटे ने मंगलवार को मंदिर परिसर का निरीक्षण कर कर्मचारियों को प्लास्टिक मुक्त कराने की बात कही। प्रो. रटाटे ने कहा कि विश्वविद्यालय विश्वनाथ मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रो. रटाटे ने कहा कि श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े लोगों को प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वच्छता और अनुशासन की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। मंदिर परिसर में स्वच्छता, पेयजल, बैठने तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर करने के लिए भी संबंधित स्तर पर जरूरी कार्ययोजनाएं तैयार की जाएंगी। व्यवस्थाओं में कई सुधार किए जाएंगे। पांच अगस्त को कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रो. रटाटे ने मंदिर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर चर्चा की।