बीएचयू के प्रो. रामनारायण द्विवेदी को पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय में सदस्य नामित किया गया है। विवि के गुरु तेग बहादुर भारतीय सभ्यता और धार्मिक परंपराओं के अध्ययन केंद्र बोर्ड में उन्हें स्थान मिला। यह नियुक्ति भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण योजना के तहत हुई है। इस योजना का उद्देश्य भारतीय विद्या परंपराओं और सभी संप्रदायों का संरक्षण करना है। सात सदस्यीय इस बोर्ड में दो सदस्य दूसरे विश्वविद्यालयों से हैं। इनमें प्रो. रामनारायण और दिल्ली विवि के प्रो. ओमनाथ बिमली शामिल हैं। प्रो. द्विवेदी बीएचयू में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के व्याकरण विभाग के वरिष्ठ आचार्य हैं। वह पूर्व में विभाग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्हें कई विश्वविद्यालयों में अध्ययन बोर्ड और कार्य परिषद सदस्य के रूप में अनुभव है। उनके 12 ग्रंथ और 50 से ज्यादा शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। सहायक कुलसचिव से नियुक्ति पत्र मिला। वहीं, संपूर्णानंद के कुलपति बिहारी लाल शर्मा ने बधाई दी।