प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि सामूहिक रूप से विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना होगा। कई बिंदुओं पर गंभीरता से कार्य करें तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई रैंकिंग श्रेणियों में बीएचयू की स्थिति को बेहतर किया जा सकता है। किसी भी संस्था की छवि और प्रतिष्ठा का बहुत महत्व होता है। चाहे वह शैक्षणिक हो या कॉरपोरेट हो। ऐसे में इसे बेहतर करने के लिए शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मचारियों का योगदान चाहिए होगा। प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि बीएचयू की यूनिक खूबियों के आधार पर मौजूद अनगिनत संभावनाओं की पहचान करनी होगी।
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बीएचयू के पुरातन विद्यार्थी पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। वे विश्वविद्यालय से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं और इसे बहुत सम्मान के साथ देखते हैं। वे हमेशा बीएचयू से जुड़ी सकारात्मक खबरें सुनने को इच्छुक रहते हैं। हमें पुरातन छात्रों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करनी चाहिए।
संस्थापक से प्रेरणा लेकर बाधाएं करेंगे पार
कुलपति ने कहा, ज्ञान और अनुसंधान के इस विशिष्ट केंद्र को बीते 100 वर्षों से अधिक समय में कई महान शिक्षाविदों ने आकार दिया। अब यह वर्तमान नेतृत्व टीम की जिम्मेदारी है कि वह इस परंपरा को आगे बढ़ाए। विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को और ऊंचाइयों तक ले जाए। हमें अपने संस्थापकों से प्रेरणा लेकर अपने मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को पार करना होगा।