पुलिस द्वारा एलबीएस हॉस्टल में घुसकर पिटाई, फिर हॉस्टल खाली कराने के विरोध में छात्रों ने सिंह द्वार बंद कर प्रदर्शन किया। बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे सिंह द्वार पहुंचे छात्रों ने पुलिस प्रशासन के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि पुलिस ने कमरों में घुसकर जिस तरह पिटाई की, उससे कई छात्रों को चोट आई हैं। उन्होंने इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को भी जिम्मेदार ठहराया।
मारपीट और पथराव के बाद छात्रावास खाली कराए जाने के विरोध में गेट बंद किए जाने से सर सुंदरलाल अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को छित्तूपुर और सिंह द्वार के बगल में बने छोटे गेट से अंदर जाना पड़ा। छात्रों के विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारी संख्या में फोर्स तैनात की है।
बृहस्पतिवार को दिन में हुई मारपीट के बाद बवाल पर जिला-पुलिस प्रशासन की नजर तो रही ही, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी जानकारी मांगी है। सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।