बीएचयू में जल्द ही खाद्य पदार्थों के नमूने की जांच हो सकेगी। इसके लिए रेफरल लैब खोलने की तैयारी चल रही है। नव सृजित दुग्ध विज्ञान और खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के तहत संचालित होने वाले लैब के बाद नमूनों की जांच न केवल तय समय पर हो सकेगी बल्कि इसके लिए संबंधित विभाग को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। विभागाध्यक्ष प्रो. डीसी राय के मुताबिक इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं।
जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर छापेमारी के दौरान काफी मात्रा में नकली खाद्य सामग्री बरामद होती है। किस सामान में कितना और कौन-कौन सी नकली सामग्री मिली है, इसकी पहचान आसानी से हो सके, इसके लिए सही जांच होना जरूरी है। अब बीएचयू में ही यह जांच संभव होगी। इसके लिए यहां रेफरल लैब खोले जाने की तैयारी है। इसके लिए विभाग की ओर से खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय को पत्र भेजा जाएगा।
दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के पहले अध्यक्ष प्रो. डीसी राय ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर औपचारिकताओं के पूरा करने के बाद मंत्रालय को पत्र भेजा जाएगा, जिससे कि जल्द से जल्द यहां लैब खुल सके। इसके अलावा छात्रों के साथ ही नए उद्यमियों के लिए इंक्यूबेशन सेंटर की स्थापना भी की जाएगी। दूध और सब्जी उत्पादन में पूर्वांचल बहुत आगे हैं, ऐसी दशा में प्रसंस्करण और पैकेजिंग आदि की का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।