फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएचयू में होगा पुरावशेष और कोशिकीय अध्ययन

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। डिपार्टमेंट आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) से बीएचयू को आधुनिक उपकरणों की खरीददारी के लिए 125 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। इस धनराशि से विश्वविद्यालय परिसर में बन रहे सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर (सीडीसी) में आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इसके बाद जहां पुरावशेषों के सही उम्र के बारे में सटीक जानकारी मिल सकेगी। वहीं कोशिकीय अध्ययन भी आसानी से किया जा सकेगा।
विज्ञापन

विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति कार्यालय के पास बने सीडीसी में उपकरणों के लग जाने के बाद पुरावशेषों की सटीक जानकारी देने वाला बीएचयू देश का पहला ऐसा केंद्र होगा। अब तक इसके लिए पुरावशेषों को विदेश में भेजना पड़ता था और बड़ी धनराशि खर्च करनी पड़ती थी। उपकरणों की खरीददारी के लिए डीएसटी की स्कीम साथी (साफिस्टिकेटेड एनालिटिकल एंड टैक्निकल हेल्प इंस्टीटयूट) के तहत ही 125 करोड़ रुपये मिले हैं। पिछले महीने 26 जुलाई को आईआईटी मुंबई में प्रेजेंटेशन के लिए देश भर से बीएचयू समेत चयनित तीन संस्थानों को बुलाया गया था। यहां विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी के साथ पहुंचे कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने प्रेजेंटेशन दिया था, उसी समय जल्द ही धनराशि स्वीकृत करने की बात कही गयी थी। गुरुवार को विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय के सचिव डॉ. आशुतोष शर्मा ने अपने पत्र के माध्यम से 125 करोड़ दिए जाने की स्वीकृति दी है। पत्र आने के बाद कुलपति ने विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर इसकी जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें