वाराणसी।
मछोदरी स्थित राजा बलदेव दास बिड़ला अस्पताल जल्द ही बीएचयू के हाथों में
होगा। अस्पताल के कमेटी के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए बीएचयू प्रशासन
इसका अधिग्रहण कर चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) के सिटी सेंटर के रूप
में विकसित करने के लिए तैयार हो गया है। समझौते की औपचारिकता पूरी होते ही
अस्पताल कमेटी जल्द ही बीएचयू को इसका स्वामित्व सौंप देगी। इसके बाद यहां
मरीजों को बीएचयू अस्पताल जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी।
बिड़ला अस्पताल
का समुचित लाभ शहर और आस-पास के जिलों के लोगों को मिल सके, इसके लिए
अस्पताल के सेक्रेटरी प्रमुख उद्यमी एवं समाज सेवी दीनानाथ झुनझुनवाला कई
साल से प्रयासरत हैं। इसी क्रम में अस्पताल के सेक्रेटरी दीनानाथ
झुनझुनवाला ने पिछले दिनों बीएचयू प्रशासन को इसका अधिग्रहण और संचालन करने
के लिए पत्र लिखा था। साथ ही कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी से
मुलाकात कर इस संबंध में आग्रह किया था। बीएचयू के आईएमएस प्रशासन उनके
प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। साथ ही बिड़ला अस्पताल की कमेटी से इस
संबंध में अनुमति पत्र समेत सारे दस्तावेज मुहैया कराने को कहा है ताकि
अस्पताल को सिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जा सके।
कोट-
बीएचयू
ने बिड़ला अस्पताल को अपने सिटी सेंटर के रूप में विकसित करेगा। इस संबंध
में आईएमएस के निदेशक प्रो. राणा गोपाल सिंह का सहमति पत्र मिल गया है।
अतिशीघ्र कमेटी के साथ बैठक कर अस्पताल संबंधी दस्तावेज बीएचयू को सौंप दिए
जाएंगे। - दीनानाथ झुनझुनवाला, सेक्रेटरी, राजा बलदेव दास बिड़ला अस्पताल।
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एक नजर में बिड़ला अस्पताल
वाराणसी।
राजा बलदेव दास ने आयुर्वेदिक ट्रस्ट के नाम से संस्था बनाई और अस्पताल
खोलने का निर्णय लिया। वर्ष 1945 में वाराणसी के तत्कालीन कमिश्नर ने रखी।
1947 में पंडित मदन मोहन मालवीय ने इसका उद्घाटन किया। बीच में आर्थिक
स्थिति ठीक न होने से अस्पताल बंद होने के कगार पर पहुंच गया। इस दौरान
प्रमुख उद्यमी एवं समाजसेवी दीनानाथ झुनझुनवाला आगे आए और फिर से इसे
संचालित कराया।