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बीएचयूः कुलपति ने छात्रों की शिकायत पर दिया होता ध्यान तो नहीं होता बवाल

Thu, 13 Sep 2018 10:56 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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बीएचयू में हुआ बवाल - फोटो : amar ujala
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करीब डेढ़ महीने पहले मिली शिकायत को अगर कुलपति ने गंभीरता से लिया होता तो शायद बीएचयू में नाश्ते का विवाद इस तरह नहीं भड़कता। 31 जुलाई को कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने अय्यर हॉस्टल का दौरा किया था।
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उस दौरान हॉस्टल के छात्रों ने बाहरी छात्रों के आकर नाश्ता करने की शिकायत की थी। उस समय कुलपति ने बाहरी छात्रों के प्रवेश पर तत्काल रोक लगाने का आश्वासन भी दिया था। मगर कुछ नहीं किया गया।

सूत्रों के मुताबिक पिछले कई दिनों से बाहरी छात्र यहां आकर नाश्ता कर रहे थे और नोकझोंक होती रहती थी। छात्रों ने आरोप लगाया कि बुधवार को जब हॉस्टल में गाड़ियों में तोड़फोड़ हो रही थी, उस समय सूचना देने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन नहीं आया। अगर समय से प्रॉक्टोरियल बोर्ड आ गया रहता तो शायद इतना बड़ा बवाल नहीं होता।
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उधर, जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने भी चीफ प्रॉक्टर से संबंधित हॉस्टल के वार्डन के समय से न पहुंचने की बात कही और इस तरह के रवैये पर असंतोष जताया। पिछले साल 23 सितंबर, इस साल पांच मई और 9 मई की घटना के बाद जिस तरह से पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे, इसके बाद से पुलिस बिना विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति के आगे नहीं बढ़ती।

बुधवार को भी ऐसा ही दिखा। एक समय जब पुलिस एलबीएस हॉस्टल में घुसने का प्रयास कर रही थी तब एसपी सिटी दिनेश सिंह ने उन्हें पीछे बुलाया और बिना अनुमति के अंदर न जाने की सलाह दी।

अय्यर हॉस्टल के छात्रों का कहना था कि उन्होंने घटना की सूचना प्रॉक्टोरियल बोर्ड और सौ नंबर को तत्काल दे दी थी। इसके बावजूद मौके पर आने के लिए किसी ने तत्परता नहीं दिखाई। इसकी वजह से उपद्रवियों ने हॉस्टल में घूम-घूम कर मारपीट और तोड़फोड़ की। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के गार्ड और पुलिस समय से आ जाती तो शायद इतनी ज्यादा तोड़फोड़ न होती।

सड़क पर किया नाश्ता, दोपहर का खाना भी खाया

सड़क पर नाश्ता करते छात्र - फोटो : amar ujala
तोड़फोड़ और मारपीट की घटना के विरोध में अय्यर हॉस्टल के छात्र सुबह से ही धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि जिन लोगों ने तोड़फोड़ की है, उनके विरुद्ध विश्वविद्यालय प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे। उनकी तोड़ी गई गाड़ियों के नुकसान की भरपाई की जाए।

इस बीच छात्रों ने सुबह का नाश्ता और दोपहर का भोजन भी हॉस्टल के बाहर सड़क पर किया। बीएचयू में बवाल के बाद हॉस्टलों के बीच तनाव का माहौल है। अय्यर हॉस्टल और बिरला चौराहे के पास काफी संख्या में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई है।

इस बीच बुधवार दोपहर में विश्वविद्यालय पहुंचकर डीएम-एसएसपी ने कुलपति से बातचीत कर हालात का जायजा लिया और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। यह बातचीत करीब घंटे भर तक चली।

विश्विवद्यालय परिसर में बुधवार की घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिरला सी हॉस्टल के चार कमरों को सील कर दिया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह के निर्देश पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड सदस्यों ने कमरा सील करने की कार्रवाई की।

बीएचयू में पूर्व में हुए बवालों से सीख लेते हुए इस बार पुलिस ज्यादातर समय बैकफुट पर दिखी। अधिकारियों का कहना था कि बीएचयू प्रशासन उपद्रव के बाद सारे आरोप पुलिस पर मढ़ देता है। इसलिए बीएचयू प्रशासन आगे आए और उपद्रवी छात्रों को चिह्नित कर लिखित तहरीर दे तो कार्रवाई की जाए। साथ ही, अधिकारी मातहतों को नसीहत देते रहे कि किसी छात्र पर पुलिस बल प्रयोग नहीं करेगी और सामान्य तरीके से ही स्थिति को नियंत्रित करना है।
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इस साल की घटनाएं

पथराव के बाद का द्रश्य - फोटो : amar ujala
23 अप्रैल: विज्ञान संस्थान निदेशक कार्यालय के पास रास्ता जाम, आगजनी
26 अप्रैल: छात्र परिषद चौराहे पर शास्त्री छात्र की पिटाई
27 अप्रैल: सामुदायिक भवन के पास बारात में तोड़फोड़, आगजनी
01 मई : सेमेस्टर परीक्षा का प्रवेश पत्र न मिलने के विरोध में रास्ता जाम
05 मई : हिंदी विभाग के पास दिनदहाडे़ चाकूबाजी, छात्र घायल
08 मई : एलबीएस और बिरला हॉस्टल के छात्रों में पथराव, आगजनी।
02 सितंबर : श्रीकृष्ण जनमाष्टमी उत्सव के दिन राजाराम हॉस्टल के छात्र की पिटाई
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