कोरियोग्राफी, स्किट, मोनो एक्टिंग में निखरी मेधा
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‘सुनो, सीते अब शस्त्र उठा लो, राम ना आएंगे बचाने...’। महिला महाविद्यालय के छात्राओं ने इस संदेश को अपने नृत्य में बड़ी ही खूबसूरती के साथ पिरोया और नारी शक्ति का एहसास कराया।
‘स्पंदन 2017’ के तीसरे दिन मंगलवार को एंफीथिएटर पंडाल में एमएमवी की छात्राओं ने कोरियोग्राफी में ‘सीताहरण’ के जरिए संदेश दिया कि इस कलियुग में अत्याचार के खिलाफ महिला को खुद ही शस्त्र उठाना पड़ेगा। ये प्रस्तुति जैसे ही खत्म हुई, पूरा पंडाल नारी शक्ति जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा।
न सिर्फ महिला महाविद्यालय बल्कि संगीत एवं मंच कला संकाय की छात्राओं ने ‘जल संरक्षण’ के संदेश को नृत्य में पिरोकर समां बांध दिया। वहीं कला संकाय के छात्रों ने ‘भारतीय सेना’ पर कोरियोग्राफी पेश की। ऐसे ही कुल 17 टीमों ने इसमें हिस्सेदारी की।
एंफीथिएटर पंडाल में वेस्टर्न वोकल सोलो प्रतियोगिता हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने हॉलीवुड गीतों को गुनगुनाकर सभी को रॉक कर दिया। नृत्य गायन के साथ वादन में भी प्रतिभागियों ने बेहतरीन प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
पं. ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में तबला और सितार वादन की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।