उधर, सिंह द्वार पर शाम को हुई प्रतिरोध सभा में छात्र संगठनों के पदाधिकारियों ने नर्सिंग काउंसिल की मान्यता दिलाने, चीफ प्रॉक्टर को हटाने का मुद्दा पुरजोर ढंग से उठाया। विकास सिंह ने कुलपति के अब तक के कार्यकाल में विश्वविद्यालय में मात्र 46 प्रतिशत उपस्थिति की चर्चा भी की।
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जिस समय समिति कक्ष में धरनारत छात्रों से कुलपति बातचीत कर रहे थे, इसी बीच दो महिला प्रॉक्टर अंदर पहुंच गईं। इस पर वहां बैठे छात्रों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद कुलपति ने दोनों प्रॉक्टर को वापस जाने को कहा। हालांकि छात्रों से बातचीत के समय कला संकाय, समाज विज्ञान संकाय प्रमुख के साथ ही कुछ और शिक्षक मौजूद रहे।