न्यू पीएचडी गर्ल्स हॉस्टल के कमरा नंबर 110 में रहती थी। जम्मू में 2019 से 2022 तक एमफिल किया। बीएचयू के प्रोफेसरों और छात्रों ने बताया नाजुक बेहद खुश रहने वाली छात्रा थी। उसकी मौत हर किसी को परेशान कर रही है। परिजनों ने शव लेने की इच्छा जताई, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद सौंपने की बात कही गई।
लंका से खाना खाने के बाद भी हुई थी उल्टी
दोस्तों ने बताया कि नाजुक ने तीन दिन पहले लंका के एक रेस्टोरेंट में खाना खाया था। हॉस्टल में आई तो उसे उल्टियां हुईं। इमरजेंसी में दिखाया गया, किसी सीनियर डॉक्टर ने उसे नहीं देखा। ड्रिप चढ़वाकर वापस हॉस्टल लाया गया। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने नाजुक की हेल्थ डायरी चेक की। पता चला कि नाजुक 2023 से ही मनोचिकित्सा विभाग में परामर्श ले रही थी। कुछ दवाएं भी लेती है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत वजह का खुलासा होगा।
नाजुक ने पीएचडी के लिए किया था ऑनलाइन सर्वेक्षण
नाजुक के सुपरवाइजर प्रो. जेके सिंह हैं। हाल ही में नाजुक ने पीएचडी के लिए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण भी किया था। इसमें केवल जम्मू और कश्मीर के अस्थायी और स्थायी निवासियों से अपील की थी कि आप जैसे निवासियों से हमारे क्षेत्र में स्मार्ट शहरों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं के बारे में बहुमूल्य जानकारी दें।