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Varanasi News: बीएचयू की शोध छात्रा की पीएचडी हॉस्टल में मौत हुई, अचानक घटना से छात्राओं में अफरा- तफरी

Sat, 12 Jul 2025 02:07 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बीएचयू की सीनियर रिसर्च फेलो की पीएचडी हॉस्टल में मौत हो गई। शहरी इकोलॉजी में शोध कर रही थी। इसको लेकर छात्राओं में नाराजगी देखी जा रही है।
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प्रदर्शन करतीं छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू की सीनियर रिसर्च फेलो नाजुक भसीन की शनिवार रात दो बजे सर सुंदरलाल अस्पताल के एसीयू वार्ड में इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार दोपहर शव को पुलिस ने कब्जे में ले लिया। रविवार को पोस्टमार्टम होगा। 

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जम्मू से बीएचयू पहुंचे भाई और पति को पीएचडी छात्रा नाजुक का सामान सौंपा गया। दोस्तों ने बताया कि इमरजेंसी में उसे लगातार दो दिन तक दिखाया गया। उसे हरे रंग की उल्टी भी हुई, तो मर्ज पकड़ में नहीं आया। जूनियर डॉक्टरों ने हेल्थ डायरी देखकर मनोचिकित्सक के पास ले जाने का परामर्श दिया। तीसरे दिन शुक्रवार दोपहर में 2.30 बजे जब हालत खराब हो गई तो इमरजेंसी ले जाया गया। 

वहां से एसीयू वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा। लो बीपी और पल्स रेट 45 हो गया था। छात्रों ने आरोप लगाया कि लापरवाही बताने पर अस्पताल प्रशासन ने जानकारियां छिपाने की भी कोशिश की। जम्मू सेंट्रल यूनिवर्सिटी की गोल्ड मेडलिस्ट नाजुक बीएचयू में तीन वर्ष से जम्मू और कश्मीर के स्मार्ट शहरों के पर्यावरण और नगरीय व्यवस्था विषय पर पीएचडी कर रहीं थीं। उन्होंने अगस्त 2022 में प्रवेश लिया था। तीन रिसर्च पेपर अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित करा चुकी थीं। 2027 तक उनकी पीएचडी पूरी होने वाली थी।

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न्यू पीएचडी गर्ल्स हॉस्टल के कमरा नंबर 110 में रहती थी। जम्मू में 2019 से 2022 तक एमफिल किया। बीएचयू के प्रोफेसरों और छात्रों ने बताया नाजुक बेहद खुश रहने वाली छात्रा थी। उसकी मौत हर किसी को परेशान कर रही है। परिजनों ने शव लेने की इच्छा जताई, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद सौंपने की बात कही गई। 
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लंका से खाना खाने के बाद भी हुई थी उल्टी
दोस्तों ने बताया कि  नाजुक ने तीन दिन पहले लंका के एक रेस्टोरेंट में खाना खाया था। हॉस्टल में आई तो उसे उल्टियां हुईं। इमरजेंसी में दिखाया गया, किसी सीनियर डॉक्टर ने उसे नहीं देखा। ड्रिप चढ़वाकर वापस हॉस्टल लाया गया। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने नाजुक की हेल्थ डायरी चेक की। पता चला कि नाजुक 2023 से ही मनोचिकित्सा विभाग में परामर्श ले रही थी। कुछ दवाएं भी लेती है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत वजह का खुलासा होगा। 

नाजुक ने पीएचडी के लिए किया था ऑनलाइन सर्वेक्षण
नाजुक के सुपरवाइजर प्रो. जेके सिंह हैं। हाल ही में नाजुक ने पीएचडी के लिए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण भी किया था। इसमें केवल जम्मू और कश्मीर के अस्थायी और स्थायी निवासियों से अपील की थी कि आप जैसे निवासियों से हमारे क्षेत्र में स्मार्ट शहरों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं के बारे में बहुमूल्य जानकारी दें।
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