कोरोना की संभावित तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच बीएचयू में हुए एक शोध में बेहद चौंकाने वाला परिणाम सामने आया है। जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे की अगुवाई में वाराणसी समेत आसपास के जिले में कोरोना का टीका लगवा चुके 14 लोगों पर अध्ययन किया गया, इसमें 79 फीसदी लोगों ने डेल्टा वैरियंट का संक्रमण पाया गया।
ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, सोनभद्र में कोरोना संक्रमित 130 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, इसमें केवल 36 प्रतिशत में वैरियंट मिला था। हैदराबाद स्थित सेंटर फार सेलुलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) की मदद से टीका लगवाने वाले 14 लोगों की जीनोम सीक्वेंसिंग में 79 प्रतिशत लोगों में डेल्टा वैरियंट मिला है। इनमें अधिकांश लोगों ने दूसरी डोज ले ली है जबकि कुछ ने केवल एक ही डोज लगवाई है।
विशेषकर 45 से 90 साल तक के लोगों के सैंपल की जांच की गई है। प्रो. चौबे के अनुसार टीका लगवाने के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन गंभीरता से करना चाहिए। बताया कि शोध में आईएमएस बीएचयू से प्रो. रोयाना सिंह, जंतु विज्ञान विभाग से प्रज्जवल प्रताप सिंह आदि शामिल हैं।