सीसीएमबी हैदराबाद के सलाहकार डाक्टर राकेश सिंह के अनुसार अधिकांश जगहों पर डेल्टा म्यूटेंट 1.617.2 अध्ययन में सबसे ज्यादा था। उन्होंने बताया कि कुल 130 नमूनों की जांच में 36 प्रतिशत में डेल्टा म्यूटेंट की जानकारी मिली है। अन्य म्यूटेंट जैसे बी 1.351 जो पहली बार दक्षिण अफ्रीका में पाया गया, वह भी इस क्षेत्र में मिला है।
अप्रैल में लिया गया था 130 लोगों का सैंपल
बीएचयू जूलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि बीएचयू के एमआरयू लैब से वाराणसी और आसपास के जिलों से अप्रैल 2021 में ही कोरोना के 130 सैंपल लिए गए। उन्हें जांच के लिए सीसीएमबी हैदराबाद भेजा गया था। इस क्षेत्र में सात अलग-अलग प्रकार के म्यूटेंट की जानकारी मिली है। प्रोफेसर चौबे ने बताया कि इस अध्ययन से यह पुष्ट हो गया कि देश में सबसे व्यापक कोरोना वायरस म्यूटेंट है। साथ ही हमारे लिए देश में इस वायरस के अन्य उभरते रुपों पर नजर रखना जरूरी है जिससे कि इसे रोका जा सके।