विश्वनाथ मंदिर के मानद प्रबंधक प्रो. ब्रज भूषण ओझा को हटा दिया गया है। उन पर आरोप लगाया गया था कि संपूर्णानंद संस्कृत विवि के संबद्ध कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये लिए थे।
बीएचयू परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर के मानद प्रबंधक प्रो. ब्रज भूषण ओझा को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के आदेश पर मानद प्रबंधक को हटाने का आदेश कुलसचिव कार्यालय ने मंगलवार को जारी किया। अब प्रो. ओझा की जगह धर्म मीमांसा विभाग के प्रो. माधव जनार्दन रटाटे को अगले दो साल के लिए मंदिर प्रबंधक की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
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व्याकरण विभाग के प्रो. ब्रज भूषण ओझा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व न्यासी भी रह चुके हैं। सोशल मीडिया पर सोमवार को एक शिकायती पत्र वायरल हुआ था। दीपक ने बीएचयू चौकी में तहरीर देकर आरोप लगाया गया था कि संपूर्णानंद संस्कृत विवि के संबद्ध कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम पर बीएचयू के प्रो. ब्रज भूषण ओझा ने चार लाख रुपये लिए थे।
पीड़ित ने एक ऑडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो बयान सामने आया था। मंगलवार की सुबह मामला बीएचयू के कुलपति तक पहुंचा और देर शाम तक प्रो. ब्रजभूषण हटाने का पत्र सोशल मीडिया वायरल होने लगा।