वाराणसी। बीएचयू के सिंह द्वार पर रविवार को पांच छात्र संगठनों और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद और बहसबाजी हुई। ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन अधिनियम 2026 के खिलाफ प्रदर्शन करने निकले छात्रों को पुलिस ने गेट के बाहर रोका तो छात्र नारेबाजी करते हुए अपने अधिकारों के हनन की वकालत करने लगे। पुलिस ने उन्हें कहा कि लंका गेट पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। इस बीच पुलिस ने प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही रोक दिया।
छात्रों का आरोप है कि उनके प्लेकार्ड छीन लिए गए और दुर्व्यवहार भी किया गया। छात्रों ने बताया कि अब मेडिकल बोर्ड और जिलाधिकारी तय करेंगे कि कौन ट्रांसजेंडर है। यह प्रक्रिया अपमानजनक है। छात्रों ने मांग की कि ट्रांसजेंडर संशोधन अधिनियम 2026 को तुरंत वापस लिया जाए। बिना मेडिकल हस्तक्षेप के स्व-पहचान का अधिकार बहाल किया जाए। मेडिकल बोर्ड और अनिवार्य रिपोर्टिंग जैसे निजता-विरोधी प्रावधान समाप्त हों। नालसा फैसले और टीजी एक्ट 2019 का पूर्ण पालन हो। नालसा फैसले और टीजी एक्ट 2019 का पूर्ण पालन हो। इस विरोध में आइसा, एनएसयूआई,, बनारस क्वीयर प्राइड संगठन, ऐपवा, फेमिनिस्ट कलेक्टिव और बीएसएम इस प्रदर्शन में शामिल हुआ। ब्यूरो