वाराणसी। बीएचयू भोजपुरी अध्ययन केंद्र में शोध के लिए हुए साक्षात्कार में गड़बड़ी का आरोप लगाकर छात्रों ने हिंदी विभाग के सामने रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी कर परीक्षा, साक्षात्कार में गड़बड़ी की जांच कराने की मांग की। इस वजह से करीब एक घंटे तक बीएचयू मेन गेट से लेकर विश्वनाथ मंदिर जाने वाले रास्ते पर आवागमन बाधित रहा।
केंद्र में शोध में दाखिले का परिणाम सोमवार सुबह जारी हुआ। परिणाम की जानकारी मिलने के बाद कुछ छात्र केंद्र पर दोपहर करीब एक बजे पहुंचे और वहां कर्मचारियों के साथ नोकझोंक की। आरोप है कि कार्यालय पर चस्पा परिणाम की सूची को भी छात्रों ने फाड़ दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने किसी तरह मामला शांत कराया। इसकी जानकारी मिलने के बाद समन्वयक प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने परीक्षा नियंता को परिणाम की सूची देते हुए घटना से अवगत कराया। बताया कि केंद्र में सात सीटों के सापेक्षा शोध परीक्षा और साक्षात्कार के लिए 35 छात्रों ने भाग लिया था। सात का परिणाम जारी हुआ। इसके बाद छात्रों ने सूची पर सवाल खड़ा करते हुए परीक्षा और साक्षात्कार में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शाम छह बजे रास्ता जाम कर दिया। इधर जाम की खबर मिलने के बाद मौके पर पहुंचे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने मनाने का प्रयास किया। इधर संकाय प्रमुख प्रो. अशोक सिंह ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया, इसके बाद छात्र माने। इस बारे में पूछे जाने पर समन्वयक प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय के नियमानुसार शोध प्रक्रिया पूरी की गई है। छात्रों की मांग पर उन्हें परीक्षा नियंता की मौजूदगी में परिणाम की सूची दी गई।