राष्ट्रीय महिला आयोग ने बीएचयू में छात्रा संग छेड़खानी के बाद हुए धरना-प्रदर्शन और लाठीचार्ज के मामले की जांच पूरी कर ली है। आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भी सौंपी है।
रिपोर्ट के कुछ बिंदुओं पर कार्रवाई शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो बवाल से जुड़ी घटनाओं के लिए आयोग ने प्रथम दृष्टया विश्वविद्यालय प्रशासन को दोषी माना है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में जांच के दौरान कुलपति के आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष का फोन न उठाने और मेसेज का जवाब न देने का भी उल्लेख किया गया है।
गौरतलब है कि मामले के तूल पकड़ने पर कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी को अवकाश पर भेज दिया गया है। बीएचयू में 21 सितंबर को शाम छह बजे त्रिवेणी छात्रावास की छात्रा से छेड़खानी हुई थी। इसके विरोध में 22 सितंबर को सुबह छह बजे से छात्राओं ने सिंह द्वार पर धरना शुरू कर दिया था।
छात्राएं कुलपति प्रो. त्रिपाठी को बुलाने की मांग कर रही थीं। 40 घंटे तक चले धरने के बावजूद कुलपति छात्राओं के बीच नहीं गए। बात नहीं बनने पर 23 सितंबर की रात 10 बजे कुछ छात्राएं कुलपति आवास के सामने धरना देने लगीं।
राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय मामले की जांच रिपोर्ट पीएमओ और एचआरडी मिनिस्ट्री को भेज दी गई है। जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट के आधार पर दोनों विभागों ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है।