Varanasi News: बीएचयू में पीएचडी प्रवेश की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्र शनिवार को कुलपति कार्यालय के बाहर घेराव कर दिए। इस दौरान कार्यवाहक कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंता, यूएसीबी समेत कई अधिकारी अंदर फंसे रहे।
बीएचयू में पीएचडी प्रवेश की मांग पर नौ दिनों से धरने पर बैठे छात्रों ने शनिवार को कुलपति का कार्यालय घेर लिया। कार्यवाहक कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंता, यूएसीबी समेत कई अधिकारी घंटों अंदर ही फंसे रहे। अंदर अधिकारी बैठक करते रहे और बाहर नारेबाजी होती रही। धरने के नौवें दिन वीसी आवास से उठकर सभी छात्र सेंट्रल ऑफिस पहुंचे। यहां कुछ छात्र अंदर प्रवेश कर गए और कई तो पहले तल पर पहुंच गए। सुरक्षाकर्मियों द्वारा केंद्रीय कार्यालय का गेट बंद करने पर छात्र अंदर नहीं आ पाए। पहले तल के भी चैनल गेट पर तालाबंदी कर दी गई।
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एबीवीपी के इकाई मंत्री भास्करादित्य ने आरोप लगाया कि उनको पीएचडी प्रवेश से वंचित कर दिया गया है। बुलेटिन के अनुसार प्रवेश वैध था। इस दौरान छात्रों ने भास्कर को न्याय दो, जातिवाद नहीं चलेगा जैसे नारे लगाए।
ये भी कहा कि एबीवीपी के ही लोग सत्ता में हैं, लेकिन इन्हीं को न्याय नहीं मिल रहा है। इस दौरान भास्करादित्य ने शिक्षा मंत्रालय पर भी आरोप लगाए। छात्र ने हिंदी विभागाध्यक्ष की एक पुरानी चिट्ठी भी वायरल की। इसमें प्रवेश को लेकर सहमति जैसी बात सामने आ रही है।
अंग्रेजी विभाग में भी सांसद ने की राष्ट्रपति से शिकायत
अंग्रेजी विभाग में भी पीएचडी प्रवेश में अनियमितता का आरोप लगा है। बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने राष्ट्रपति को शिकायत कर कहा कि 99 परसेंटाइल होने के बावजूद भी प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं, इंटरव्यू भी नियमपूर्वक नहीं हुआ। चयनित अभ्यर्थियों की लिस्ट भी जारी नहीं हुई है।