गांव की 150 महिलाओं को सफल उद्यमी के तौर पर तैयार करने के लिए बीएचयू के अटल इंक्यूबेशन सेंटर और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के बीच एक एमओयू किया गया। कमिश्नरी सभागार में मंगलवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर एआईसी-बीएचयू के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. पीवी राजीव और एनआरएलएम के उपायुक्त पवन कुमार सिंह ने किया। यह समझौता ग्रामीण क्षेत्रों की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के बनाए जाने वाले उत्पादों को नई पहचान देंगे। साथ ही लोगों को बड़ा बाजार भी मिलेगा।
एमओयू के तहत दोनों संस्थान चयनित 150 स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और प्रमोशन की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों को तकनीकी सहायता, डिजिटलाइजेशन, ट्रेनिंग और प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए पूरे वर्ष भर मार्गदर्शन और सहयोग दिया जाएगा। उनके उत्पादों को स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। यह साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगी। महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि यह एमओयू ग्रामीण महिला उद्यमिता, उत्पादकता और बाजार विस्तार की दिशा में एक बड़ी भूमिका निभाएगा। ऐसे प्रयास एसएचजी समूहों की आत्मनिर्भरता को मजबूत करेंगे और नए रोजगार के साथ विकास के रास्ते खोलेंगे।