इस दौरान संस्थान में जेआईसी स्टार्टअप सीड ग्रांट अवाॅर्ड का शुभारंभ डॉ. एमके मेशरॉम ने किया। करीब 100 रिसर्च पोस्टर और 58 ग्रांटेड पेटेंट की प्रदर्शनी लगी और पेटेंट प्राप्त शिक्षकों का सम्मान किया गया।
अधिष्ठाता प्रो. राजेश कुमार ने कहा कि बौद्धिक संपदा और प्रौद्योगिकी विकास में बढ़ोतरी आई है। 2014 से अब तक संस्थान ने 493 पेटेंट फाइल किए, जिनमें से 410 प्रकाशित, 243 स्वीकृत और 12 तकनीक उद्योगों को सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया।
चार शिक्षक सम्मानित : भौतिकी विभाग के प्रो. प्रभाकर सिंह, स्कूल ऑफ मैटेरियल साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार मिश्रा, रसायन विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. साम्या बनर्जी और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. संतोष सिंह को सम्मानित किया गया।
शोध को तेज करने के लिए शोधार्थियों और अध्यापकों की संख्या बढ़ाना जरूरी है। उच्च रैंकिंग के लिए नहीं, बल्कि उत्कृष्टता के लिए कार्य करना चाहिए। वर्ष-दर-वर्ष व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ें, महत्वाकांक्षी हों, देश-विदेश के संस्थानों से सहयोग करें। - प्रो. अमित पात्रा, निदेशक आईआईटी बीएचयू