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बीएचयू: तीन साल में मशीनों से हुई चार करोड़ की आय, 30 हजार सैंपल जांचे गए, 100 शोध पत्र भी छपे; जानें अपडेट

Mon, 11 May 2026 03:04 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के साथी सेंटर ने तीन वर्षों में अत्याधुनिक मशीनों से चार करोड़ रुपये से अधिक की आय अर्जित की है। यहां 30 हजार सैंपलों की जांच, 100 से ज्यादा शोध पत्र और 15 पेटेंट हासिल हुए हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसे देशभर में लागू करने योग्य मॉडल बताया।
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बीएचयू में कुलपति के साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बीएचयू के विज्ञान संस्थान के सीडीसी भवन स्थित साथी सेंटर में मौजूद मशीनों से पिछले तीन साल में चार करोड़ से ज्यादा की आय हुई है। एक हजार से ज्यादा लोगों ने इन मशीनों का इस्तेमाल किया है। इन मशीनों से 30 हजार सैंपल की जांच हो चुकी है।

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100 से ज्यादा शोध पत्र, 15 से ज्यादा पेटेंट मिल चुके हैं। वहीं, 60 से ज्यादा ट्रेनिंग कार्यक्रम में 900 लोगों को मशीनों की बारीकियों से अवगत कराया गया है। ये जानकारियां रविवार को बीएचयू दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को दी गईं। 

सीडीसी भवन स्थित साथी सेंटर में मौजूद अधिकारियों ने इस साल सितंबर में मशीनों के रखरखाव की खत्म हो रही मियाद के बारे में उन्हें बताया। इस पर केंद्रीय मंत्री डॉ. सिंह ने मंत्रालय में विचार कर फैसला लेने की बात कही है। उनके साथ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, आईआईटी के निदेशक  प्रो. अमित पात्रा, विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. संजय कुमार आदि मौजूद रहे। मशीनों से हो रही आय को लेकर डॉ. जितेंद्र सिंह ने डीएसटी प्रतिनिधियों को कहा कि यह रेवेन्यू मॉडल देशभर के संस्थानों में पहुंचाएं। सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से सफलता की कहानी साझा करें। 

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125 करोड़ में से मिल चुके हैं 72 करोड़
साथी सेंटर के उप समन्वयक प्रो. बिरंची शर्मा ने बताया कि करीब पांच साल पहले 125 करोड़ का फंड साथी सेंटर के लिए आवंटित किया गया था जिसमें से अब तक 72 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। साथी सेंटर देश के छह संस्थानों में संचालित है जिसमें पांच आईआईटी और एकमात्र नॉन आईआईटी बीएचयू में है। मंत्रालय ने ये राशि रिसर्च, विकास और उद्योगों में इन मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए दी है।
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