विधि संकाय में दो दिन पहले ही परीक्षा शुरू हुई है, जिसमें 70 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा देने से मना किया गया है। इस दौरान रात भर धरना देने वाले छात्र की अचानक तबीयत खराब हो गई। वह जमीन पर गिर पड़ा। छात्र को एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
छात्रों की बात
- एक महीने पहले एलएलबी, बीएएलएलबी और एलएलएम के जिन छात्रों की उपस्थिति कम थी, मात्र एक अंडरटेकिंग लेकर परीक्षा में बैठने का मौका दे दिया गया। जबकि, अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के साथ जानबूझकर परीक्षा से वंचित किया जा रहा है।
- परीक्षा जल्द होने वाली है। उपस्थिति की सूची अभी तक जारी नहीं की गई।
- महीने के कुछ विशेष दिनों पर जो कक्षाएं चलीं, उनमें कुछ छात्रों को पूरे महीने की उपस्थिति चढ़ा दी गई है। जबकि, जो उस दिन नहीं आए उन्हें पूरे महीने की उपस्थिति से वंचित किया गया। इनकी उपस्थिति की गणना का कोई पैमाना तय नहीं है।
- बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के मुताबिक, हमारी कक्षाओं के लेक्चर उस मानक पर नहीं हैं।
- जो भी छात्र नियमित आए हैं उनकी उपस्थिति, नियमित आने वालों से कम है।
- प्रोफेसर के निजी कारणों से निरस्त हुई कक्षा का नुकसान छात्रों पर डाला जा रहा है।