पिछले कई सालों से यहां संक्रमण की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि यूपी में केजीएमयू और बीएचयू में ही एच1एन1 संक्रमण की जांच होती है। इससे बर्ड फ्लू के संक्रमण की पुष्टि होती है। अगर इसको लेकर सावधानी बरती जाए तो कोई खतरा नहीं है।
सतर्कता से रहने पर खतरा कम
बर्ड फ्लू का यह एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस एच5 एन8 है, जो कि बर्ड फ्लू के आम वायरस एच5 एन1 वायरस का म्युटेंट है। अभी यह संक्रमण पोल्ट्री फार्म, जंगली, जलीय व प्रवासी पक्षियों में पाया गया है। संक्रमित पक्षियों के मल, मुंह के लार, नाक के स्राव आदि के संपर्क में आने से फैलता है। पक्षियों से मनुष्य में फैल सकता है। अगर सतर्कता बरती जाए तो उसके फैलने का खतरा बहुत कम है। इसलिए डरने की कोई जरूरत नहीं है। मनुष्य में संक्रमण होने पर सांस की तकलीफ, सर्दी, खांसी, कफ, बदन दर्द, थकान व बुखार आदि खास लक्षण हैं। -डॉ. संजय राय, प्रदेश उपाध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन