आईएमएस बीएचयू के सर्जरी विभाग के जिस डॉक्टर के साथ बेड से गिरने की घटना हुई, वह मूलत: बिहार का निवासी है। 25 वर्षीय जूनियर डॉक्टर की डयूटी बृहस्पतिवार को बीएचयू अस्पताल के फिमेल सर्जरी वार्ड में थी। रात करीब 8 बजे वह वार्ड में बेड पर सोते समय नीचे आ गया। इससे उसके चेहरे पर आंख के पास कट गया जबकि होंठ भी कट गया है।
इसकी जानकारी जैसे ही साथियों को मिली, वह भागे भागे वार्ड में गए तो देखा कि जूनियर डॉक्टर नीचे गिरा पड़ा था। यहां से उसको उठाकर ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। रात करीब 8.30 बजे ट्रॉमा सेंटर पहुंचते ही यहां तैनात डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। हालांकि वह बेहोशी की हालत में था, इस वजह से ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी में तैनात टीम ने मेडिसिन विभाग के साथ ही ट्रॉमा सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी सहित अन्य विभागों की टीम को सूचना दी गई।
तीन बार पहले भी बेड से गिर चुका है डॉक्टर
सर्जरी विभाग के जिस जूनियर डॉक्टर के साथ बेड से गिरने की घटना हुई, वह इसके पहले भी तीन बार गिर चुका है। ट्रॉमा सेंटर में उसको भर्ती करवाने लेकर गए साथियों ने इमरजेंसी में घटना का कारण तो स्पष्ट नहीं बताया लेकिन दबी जुबान से उन्होंने इसी तरह की जानकारी वहां दी। यह भी बताया कि संबंधित डॉक्टर नींद की गोली भी लेता था। ऐसा वह क्यों करता था, उसने कभी किसी से कोई चर्चा नहीं की।
सर्जरी विभाग में दो महीने में यह दूसरी घटना
आईएमएस बीएचयू के सर्जरी विभाग में जूनियर डॉक्टर के साथ घटी दो महीने में यह दूसरी घटना है। इसके पहले 13 मार्च 2026 को इसी विभाग में तैनात महिला जूनियर डॉक्टर सत्या(25) ने इंसुलिन की ओवरडोज ले लिया था। सत्या भी मूल रुप से बिहार की रहने वाली है। सर्जरी विभाग में लगातार दो डॉक्टरों के इस कदम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हेा रही हैं। डॉक्टर सत्या की हालत अभी भी गंभीर बनी है। 55 दिन से उसका इलाज सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक के छठे तल पर आईसीयू में चल रहा है।
सर्जरी विभाग में जूनियर डॉक्टर के नींद में बेड से गिरने, चोट लगने की सूचना मिली है। घटना की वजह तो अभी पता नहीं चल पाई है। उसके चेहरे और होंठ के पास चोट लगी है। ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराया जा रहा है। विभाग के चिकित्सकों से बातचीत लगातार जारी है। जूनियर डॉक्टरों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने का निर्देश पहले से ही दिया गया है। - प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आई एमएस बीएचयू