ओपीडी का समय तो नौ से चार बजे तक का है लेकिन दो बजे ही पर्चा काउंटर बंद हो जाता है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पंजीकरण कक्ष में तीन काउंटर हमेशा खुले रहेंगे। इसमें एक काउंटर आयुष्मान भारत का जबकि दो काउंटर में भर्ती और ओपीडी वाले मरीजों का पंजीकरण होगा। अब तक ओपीडी वाला काउंटर बंद होने के बाद लोग इमरजेंसी से पर्चा कटाकर अपने पास रख लेते थे।
नई व्यवस्था लागू होने के पीछे आयुष्मान भारत योजना से अस्पताल का जुड़ना माना जा रहा है। ऐसा इसलिए कि इसके मरीज अगर अस्पताल आए तो उन्हें इलाज में कोई असुविधा न हो। सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्रा ने कहा कि मरीजों की सुविधा के लिए नई व्यवस्था शुरू हो गई है। इसके बाद लोगों को पर्चा काउंटर के बाहर सुबह लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। गोल्डेन कार्ड वाले मरीज भी नहीं भटकेंगे।