छात्र-छात्राओं ने कहा- धरने में नहीं था कोई बाहरी
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बीएचयू में 21 सितंबर को छात्रा के साथ छेड़खानी के विरोध में 22 सितंबर की सुबह छह बजे से धरने पर बैठी छात्राओं को 23 सितंबर की वो काली रात नहीं भूल रही, जब अचानक लाठीचार्ज शुरू हो गया था।
दस दिन बीत जाने के बाद भी अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिर किसके कहने पर लाठीचार्ज किया गया। मंगलवार को एलडी गेस्ट हाउस में घटना की न्यायिक जांच कर रहे हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त जज जस्टिस वीके दीक्षित को छात्र-छात्राओं ने आपबीती सुनाई।
न्यायिक जांच समिति के समक्ष बयान दर्ज कराने पहुंचे करीब दर्जन भर विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या अधिक रही। छात्राओं ने लाठीचार्ज को लेकर विश्वविद्यालय और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए। साथ ही विश्वविद्यालय की ओर से बाहरी लोगों के धरने में शामिल होने की बात को भी गलत ठहराया।
बयान दर्ज कराने के बाद एक छात्रा ने बताया कि लाठीचार्ज की घटना के लिए जिम्मेदार कौन है, इस बारे में कोई कुछ नहीं कह रहा है। बताया कि रात में जब लाठीचार्ज हो रहा था तो एक महिला प्राध्यापक खुद को शिक्षिका बताती रहीं, लेकिन उन्हें भी पुलिस ने नहीं बख्शा।
बताया कि जस्टिस को घटना की पूरी जानकारी दी गई है। बताया कि कुलपति की ओर से यह कहा जाना कि धरने में बाहरी छात्र थे, यह गलत है। न तो उस धरने का कोई नेता था और न ही कोई बाहरी।
तीन दिन की घटनाएं हैं न्यायिक जांच का केंद्र
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न्यायमूर्ति वीके दीक्षित ने मंगलवार की दोपहर बातचीत में कहा कि 21 से 23 सितंबर तक घटी सभी घटनाओं को केंद्र में रखकर जांच की जा रही है। वह छेड़खानी से लेकर धरना-प्रदर्शन, लाठीचार्ज आदि पर बिंदुवार छात्र-छात्राओं से उनका पक्ष जान रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों का माहौल शांतिमय रखना और छात्र-छात्राओे की समस्याओं का समाधान कराना संस्थान की जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा।
त्रिवेणी हॉस्टल के पास लगा बैरियर
छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर त्रिवेणी हॉस्टल के पास मंगलवार को बैरियर लगा दिया गया। चीफ प्रॉक्टर के मुताबिक बैरियर पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। बताया कि यह प्रयास किया जा रहा है कि छात्राओं के इस हॉस्टल के सामने से छात्रों की आवाजाही न हो। अन्य छात्रावासों के पास भी बैरियर लगाने की तैयारी चल रही है।
ईमेल, फेसबुक, ट्विटर अकाउंट भी कर सकेंगे शिकायत
महिला महाविद्यालय, त्रिवेणी हॉस्टल, डॉक्टर्स हॉस्टल आदि जगहों पर पहुंचकर चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने छात्राओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं के साथ ही मौजूद अभिभावकों से भी बातचीत की। प्रॉक्टर ने छात्राओं को अपनी ईमेल आईडी, फेसबुक, ट्विटर अकाउंट के बारे में बताया। कहा कि इस पर आई शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराया जाएगा।