बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर आनंद चौधरी के खिलाफ गुरुवार की रात लंका थाने में छेड़खानी और धमकाने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई विभाग की पूर्व शोध छात्रा की तहरीर पर की गई है। वहीं, प्रो. चौधरी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को साजिश बताया है।
प्रो. चौधरी पर आरोप लगाने वाली छात्रा ने आयुर्वेद संकाय के रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना विभाग से 2014 से 2017 तक शोध कार्य किया है और न्यूयार्क में आयुर्वेद चिकित्सक के रूप में सेवा दे रही हैं। गुरुवार को बीएचयू के दीक्षांत समारोह में भाग लेने आई छात्रा ने मुख्य समारोह के बाद संकाय स्तर पर आयोजित समारोह में शोध उपाधि ली।
इसके बाद प्रो. चौधरी के खिलाफ लंका थाने में तहरीर दी। लंका थानाध्यक्ष के मुताबिक तहरीर में शोध कार्य के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में छेड़छाड़ करने का आरोप लगाने के साथ ही मामले में धमकी देने का भी जिक्र है। बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इस बारे में पूछे जाने पर प्रो. आनंद चौधरी ने बताया कि इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन पहले ही जांच कर आरोप मुक्त कर चुका है। अध्ययन के दौरान संबंधित छात्रा ने कभी कोई शिकायत नहीं की। अब आरोप लगाकर मेरी और विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल किया जा रहा है। मामले में जो भी जवाब मांगा जाएगा वह दिया जाएगा।