फर्रुखाबाद जिले के मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के कुइयावूट बाईपास निवासी शिक्षक रामकिशोर यादव का इकलौता बेटा देवांश यादव बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था। बीते 25 मई को देवांश वाराणसी घूमने जाने की बात कह कर घर से निकला था। हालांकि वह बीएचयू में पढ़ने वाली अपनी प्रेमिका अनुष्का से मिलने आया था। 26 मई को देवांश ने अपने दोस्त श्रीवत्स को बताया था कि वह अस्सी क्षेत्र स्थित एक होटल में ठहरा है। इसके बाद देवांश का मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा।
देवांश की खोजबीन करते हुए उसके मां-बाप वाराणसी आए और 29 मई को भेलूपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराए। काफी खोजबीन के बाद भी देवांश का पता नहीं लगा तो देवांश के पिता रामकिशोर ने आठ जून को भेलूपुर थाने में अनुष्का और उसके पिता व चाचा के खिलाफ अपने बेटे के अपहरण और धमकाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया।
सर्विलांस प्रभारी अंजनी पांडेय और अस्सी चौकी प्रभारी राजकुमार वर्मा का सर्विलांस और सीसी कैमरों की फुटेज की मदद से अनुष्का और राहुल पर शक गहराया। दोनों से पूछताछ शुरू हुई तो वारदात की गुत्थी परत दर परत सुलझती चली गई। छात्रा समेत तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल किया। छात्रा के मुताबिक, वह राहुल से प्यार करती थी। यह बात देवांश को नागवार गुजरती थी। आए दिन वह टोका-टाकी करता था। इसी कारण उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।