प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में कुलपति रहे प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने सभी विश्वविद्यालयों को इंडस्ट्री से जोड़े जाने की वकालत की है। प्रो. त्रिपाठी के अनुसार कुछ ऐसी व्यवस्था हो कि इंडस्ट्री के लोग विश्वविद्यालयों में आएं और वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं इंडस्ट्री जाएं।
इसके लिए विश्वविद्यालय और इंडस्ट्री के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर भी होने चाहिए। बीएचयू में कुलपति रहने के दौरान तमाम इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को इसके लिए आमंत्रित भी किया गया था। निकट भविष्य में वहां के छात्र-छात्राओं को इसका फायदा भी मिलेगा।
बीएचयू में कुलपति का कार्यकाल पूरा करने के बाद प्रो. त्रिपाठी इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अपने मूल विभाग में लौट आए। यहां जल्द ही वे अर्थशास्त्र विभाग में कक्षाएं लेनी शुरू कर देंगे।
अमर उजाला से हुई खास बातचीत में प्रो. त्रिपाठी ने अपने कुलपति रहने के कार्यकाल के दौरान हुई तमाम उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बीएचयू को देश की सॉफ्ट पावर के रूप में खड़ा करने का प्रयास तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान किया। इसमें काफी हद तक सफलता भी मिली। सिर्फ शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी बीएचयू को एक नई पहचान मिली।
भारतीय वेशभूषा में दीक्षांत की शुरुआत बीएचयू से
दीक्षान्त समारोह
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27 नवंबर 2014 को बीएचयू में कुलपति के पद का दायित्व संभालने के बाद वहां कई नये काम करवाए गए। बीएचयू के संस्थापक महामना मदन मोहन मालवीय जी के समय गीता प्रवचन नियमित रूप से शुरू होता था, जो बाद में बंद हो गया था। उसे वहां फिर से शुरू करवाया गया।
देश को जानने एवं समझने के लिए वहां भारत अध्ययन केंद्र की भी स्थापना की गई। देश में पहली बार दीक्षांत समारोह में भारतीय वेशभूषा में छात्र-छात्राओं को डिग्री देने की शुरूआत भी बीएचयू से करवाई गई। इस दौरान 52 फंक्शनल एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेंस, इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के साथ वैदिक विज्ञान अध्ययन केंद्र समेत कुल तीन नये सेंटर भी बीएचयू में खोले गए। कार्यकाल के दौरान ही एचआरडी से बीएचयू को तीसरी रैंक भी मिली। समर्थ गांव अभियान के तहत सौ गांव भी बीएचयू ने गोद लिए।
यहां पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस दौरान किचन गार्डन, जैविक कृषि, जल संरक्षण, जल प्रबंधन आदि विषयों की भी जानकारी ग्रामीणों को दी गई। पहली बार अंडर ग्रेजुएट के आर्ट कोर्स में छात्राओं को मुख्य कैंपस में दाखिला भी लिया गया।