आत्महत्या से रोकने के लिए कर रहे ऑनलाइन काउंसलिंग
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बदलते दौर में ‘जिंदगी जिंदादिली का नाम है...’ कम हो रहा है। तनाव से गुजर रहे कुछ लोगों को मौत से मोहब्बत होने लगी है। माना जाता है कि आईएएस-आईपीएस मजबूत इच्छा शक्ति वाले होते हैं पर कानपुर में आईपीएस सुरेंद्र दास की खुदकुशी ने कइयों को चौंका दिया है। अवसाद में जी रहे ऐसे ही लोगों को फिर से जिंदगी की खूबसूरती से मिलाने निकल पड़ा है ‘एसपीजी’ यानी सुसाइड प्रिवेंशन गैंग।
बीएचयू के मनोविज्ञान विभाग के पूर्व छात्रों ने सोशल मीडिया पर ये समूह बनाया है। अपने ढंग की अनूठी पहल में समूह के सदस्य डिप्रेशन से जूझ रहे लोगाें की ऑनलाइन काउंसलिंग कर फिर से जीवन जीने के गुर बताते हैं।
‘सुसाइड प्रिवेंशन गैंग’ नाम के फेसबुक पेज के माध्यम से तनाव से ग्रसित कोई व्यक्ति ऑनलाइन मनोचिकित्सकीय परामर्श ले सकता है। समूह ने व्हाट्स ऐप हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। समूह में मनोविज्ञान से लेकर मनोचिकित्सा से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं।
बीएचयू के पूर्व छात्र प्रशांत मणि तिवारी बताते हैं समूह में पूर्वांचल, लखनऊ और दिल्ली तक के मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थी शामिल किए जा रहे हैं। आदिल अजीज, अनंत पांडेय, दीपा कुमार, सौरभ पांडेय, मोनू मिश्रा, प्रसूत स्मृति इस समूह में अहम भूमिका निभा रहे हैं। बीएचयू के सीनियर प्रोफेसर जोड़े जा चुके हैं। अन्य स्थानों के विशेषज्ञों को जोड़ने की कोशिश है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग लाभ उठा सकें।