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BHU में बवाल के बाद आहत हैं बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी, जानिए क्या कहा

Wed, 27 Sep 2017 03:12 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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BHU
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बीएचयू परिसर में शुक्रवार की रात हुए बवाल से विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी आहत हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सभी का एक स्वर में कहना है कि घटना के जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
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बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष चंचल ने कहा कि विश्वविद्यालय जहां है वहीं रहेगा मगर उसकी छवि वैश्विक स्तर पर धूमिल हुई है। उन छात्राओं को बधाई देना चाहूंगा, जिन्होंने अपनी सुरक्षा की लड़ाई लड़ी। उन्होंने इस घटनाक्रम के लिए सीधे तौर पर कुलपति को जिम्मेदार ठहराया।

वहीं, मोहन प्रकाश ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के पहले दिन पीएम मोदी और सीएम योगी महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर छात्राओं से थे। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले पीएम और सीएम ने छात्राओं की फरियाद सुनने की जरूरत नहीं समझी।ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना विश्वविद्यालय में पहले नहीं हुई थी।
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  जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी ही चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के जज से  जांच कराएं। हरिकेश बहादुर सिंह ने कहा कि कुलपति अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं और घटना को राजनीतिक रूप दे रहे हैं। जरूरी है कि छात्रा से छेड़खानी के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और जिम्मदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।   पूर्व महामंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि छात्राओं ने छेड़खानी के खिलाफ आवाज बुलंद की तो उन्हें लाठियां मिलीं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। कुलपति को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। वहीं, सांसद भरत सिंह ने कहा कि छेड़खानी और लाठीचार्ज की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। माहौल को बिगाड़ने में सपा और वाम दलों के लोगों का हाथ रहा। दोषियों के खिलाफ हर हाल में कार्रवाई होगी।

कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति

bhu

बीएचयू में बवाल मामले में प्रभावी कार्रवाई न करने के आरोप में तत्कालीन लंका थानाध्यक्ष राजीव सिंह और सीओ भेलूपुर निवेश कटियार को हटा दिया गया। मगर, किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे एसआई राजीव सिंह को क्राइम ब्रांच में तैनात कर दिया गया। इसे लेकर पुलिस महकमा भी सवालों के घेरे में है।

बीएचयू बज पर कार्रवाई आखिरकार क्यों
बीएचयू बज फेसबुक पेज के एडमिन का कहना है कि आखिरकार हमारे खिलाफ क्यों मुकदमा दर्ज किया गया। हमने कौन सा आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किया था। हमारी ओर से सिर्फ बीएचयू लाठीचार्ज की घटना का वीडियो फेसबुक पर शेयर किया गया था और यह कहीं से भी गलत नहीं है। बताया कि हम अपने विधिक सलाहकारों के संपर्क में हैं और मामले को न्यायालय में देखा जाएगा। 
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भारी सुरक्षा के बीच किसने कोशिश की कालिख पोतने की

बीएचयू के गेट पर तैनात रहे सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के सुरक्षा अधिकारी ने लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया है कि 22 सितंबर की रात कुछ अराजकतत्वों ने लंका स्थित मालवीय प्रतिमा पर कालिख पोतने की कोशिश की। छात्रों के अनुसार 22 सितंबर को पीएम मोदी शहर में थे।

उनकी सुरक्षा के मद्देनजर बीएचयू गेट पर पुलिस, पीएसी और आरएएफ बड़ी संख्या में तैनात थी। ऐसे में जिन्होंने कालिख पोतने का प्रयास किया, उन्हें पकड़ा क्यों नहीं गया। कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद आखिर क्यों किसी की नजर शरारती तत्वों पर नहीं पड़ी।
 
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