बीएचयू में पहली बार एक तारीख को 3000 शोधार्थियों को नॉन नेट फेलोशिप मिली। कुलपति ने 15 अगस्त को एंफिथियेटर ग्राउंड पर घोषणा की थी कि ये पैसा हर महीने की पहली तारीख को ही पैसा भेज दिया जाएगा।
बीएचयू में पहली बार 1 तारीख को 3000 से ज्यादा शोधार्थियों को नॉन नेट फेलोशिप मिल गई है। सोमवार को सभी के बैंक खाते में 8000-8000 रुपये भेजे गए हैं। छात्रों का कहना है कि इससे रिसर्च गतिविधियों में आने वाले छोटे-मोटे अवरोधों को रोका जा सकेगा। साथ ही शोध करने वाले छात्रों के ऊपर से बेवजह का वित्तीय दबाव कम होगा। रिसर्च यात्रा करने में भी काफी मदद मिलेगी।
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बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने 15 अगस्त को एंफिथियेटर ग्राउंड पर घोषणा की थी कि ये पैसा हर महीने की पहली तारीख को ही पैसा भेज दिया जाएगा। इसे यूजीसी नॉन नेट फेलोशिप भी कहा जाता है। इसमें नॉन नेट का अर्थ यह नहीं हुआ कि शोधार्थी नेट क्वालिफाईड नहीं है बल्कि ये कि जो जेआरएफ नहीं है। क्योंकि इनकी फेलोशिप केंद्र सरकार से ही आती है।