Varanasi News: बीएचयू सिंहद्वार पर जाम लगाने और विरोध प्रदर्शन में लंका थाने में 18 नामजद, 20 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर ये कार्रवाई की गई।
बिना अनुमति धरना प्रदर्शन करने के आरोप में 18 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मंगलवार शाम बीएचयू के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन के बाद कार्रवाई की गई। नगवां चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह की तहरीर पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
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चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और अन्य लोग बिना अनुमति के इकट्ठा हुए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी और नीट परीक्षा पेपर लीक का विरोध किया।
प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया। बीएचयू अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और राहगीरों को काफी कठिनाई हुई। कई एंबुलेंस भी लंबे समय तक जाम में फंसी रहीं। इससे मरीजों के जीवन पर संकट उत्पन्न हो गया। शहर में धारा 163 बीएनएसएस लागू है। इसके तहत बिना अनुमति के किसी भी प्रकार का धरना प्रदर्शन या जमावड़ा नहीं करना है।
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लंका इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने बताया कि प्राथमिकी में 18 लोगों के नाम शामिल हैं। इनमें सत्यप्रकाश सोनकर, हिमांशु यादव, प्रतीक यादव, अभिषेक गोप, सुजीत यादव, दीप चंद्र गुप्ता, राजू यादव, गोलू उपाध्याय उर्फ विष्णु कांत उपाध्याय, ईशांत श्रीवास्तव, विवेक, रमाकान्त जायसवाल, लालू यादव, समन यादव, इस्तकबाल कुरैशी, सत्यम श्रीवास्तव, तनिश यादव, पूजा यादव और अमन यादव प्रमुख हैं। इनके अलावा 10 से 20 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।