बीएचयू में आयोजित युवा महोत्सव संस्कृति के दौरान मराठी नाटक मी नाथु राम गोडसे बोलताय के हिंदी संस्करण मंचन को लेकर शुरू विवाद अब थमता नजर आ रहा है।
मामले में छात्रों की शिकायत पर लंका थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर बनी जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट यूजीसी को भेज दी है। रिपोर्ट में इस नाटक को विश्वविद्यालय के मुख्य युवा महोत्सव स्पंदन से पहले संकाय स्तर पर आयोजित महोत्सव में स्क्रीनिंग के दौरान ही बाहर करने का जिक्र है।
विश्वविद्यालय में अंतर संकाय युवा महोत्सव स्पंदन से पहले संकाय स्तर पर होने वाले आयोजनों के माध्यम से ही उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को मुख्य आयोजन में भाग लेने का मौका मिलता है।
कला संकाय के तीन दिवसीय युवा महोत्सव 19 से 21 फरवरी के दूसरे दिन कला संकाय सभागार में मराठी नाटक का मंचन हुआ था। इस पर आपत्ति जताते हुए छात्रों ने न केवल कला संकाय प्रमुख से शिकायत की बल्कि लंका थाने में तहरीर देकर इसे राष्ट्रपिता का अपमान बताया था।