बीएचयू में एनेस्थीसिया विभाग की ओर से तीन दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन सात से नौ फरवरी तक किया गया है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक एनेस्थेसिओलॉजिस्ट्स की ओर से आयोजित कांफ्रेंस में चिकित्सकों द्वारा नवजात बच्चों के छोटे-बड़े आपरेशन में आने वाली जटिलताओं, बीमारियों के प्रभाव और इससे जुड़ी समस्याओं के समाधान की तकनीक पर चर्चा की जाएगी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष और एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. एसके माथुर, आयोजन सचिव डॉ. पी रंजन ने बताया कि देश-विदेश से करीब 300 विशेषज्ञ शामिल होंगे।
पहले दिन सात फरवरी को केएन उडप्पा सभागार में उद्घाटन होगा। इसमें उन्हें बच्चों को वेंटीलेटर पर रखे जाने, अल्ट्रासाउंड गाइडेड नर्व ब्लॉक्स, डिफिकल्ट पीडियाट्रिक एयर-वे, पीडियाट्रिक पेरिओपेरटिव लाइफ सपोर्ट बिंदुओं को शामिल किया गया है। डॉ. रंजन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में छोटे बच्चों में जन्मजात बीमारियों का प्रतिशत पूर्व की तुलना में बढ़ा है।