बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान में बना अस्थायी कोविड अस्पताल पद्मभूषण स्व. पं. राजन मिश्र को समर्पित किया गया। शहर के संगीतकारों व गणमान्य लोगों ने शासन के इस कदम पर साधुवाद दिया है।
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य ने कहा कि काशी के विश्व विख्यात महान गायक पद्मभूषण स्व. पं. राजन मिश्र की यशकाया को सदकार्यों द्वारा श्रद्धांजलि देना प्रशासन और हम सभी का कर्तव्य है। पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने पं राजन मिश्र के नाम पर कोविड चिकित्सालय के नामकरण को एक सार्थक कदम बताते हुए इसे पं राजन के प्रति श्रद्धांजलि बताया। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ की पूर्व कुलपति पद्मश्री प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल ने कहा कि पं. राजन को कोरोना ने ही हमसे सदा के लिए छीन लिया। इसीलिए कोविड के रोगियों के लिए बने अस्थायी चिकित्सालय का नामकरण उनके नाम पर करना पं. राजन मिश्र के प्रति वास्तविक श्रद्धांजलि होगी।
पद्मश्री सोमा घोष ने कहा कि सर्वसमाज के लोग पं राजन मिश्र के गायन को सुनकर अपनी चिंता पीड़ा को भूल जाते थे ऐसे महान गायक कलाकार के नाम पर चिकित्सालय का नामकरण उनके प्रति हम सबकी श्रद्धा का प्रतीक होगा। पद्मश्री रजनीकांत द्विवेदी ने कहा की पं राजन मिश्र के नाम पर चिकित्सालय का नामकरण काशी की जनता को कोविड महामारी से लड़ने में शारीरिक और मानसिक मजबूती भी देगा। मंच कला संकाय बीएचयू के प्रमुख प्रो. राजेश शाह ने कहा कि वाराणसी में रोगियों की सेवा के लिए बनने वाले चिकित्सालय का नाम वाराणसी के वैश्विक संगीत प्रतिनिधि रहे पं राजन मिश्र के नाम करना अत्यंत सराहनीय है। गायिका डॉ. सीमा वर्मा ने कहा कि बनारस की संस्कृति की निस्वार्थ सेवा पं राजन ने आजीवन की है और बनारस के काम आने वाले इस चिकित्सालय का नाम उनके नाम करना सर्वथा उचित कदम है। काशी के विभिन्न सामाजिक सांस्कृतिक संस्थाओं ने भी पद्मभूषण पं राजन मिश्र के नाम पर कोविड चिकित्सालय के नामकरण को एक सकारात्मक कदम बताया। इसमें आश्रय सेवा संस्था के सचिव डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह, सुबह ए बनारस के संस्थापक सचिव डॉ. रत्नेश वर्मा, समाजसेवी पं प्रमोद मिश्र रहे।