तीन साल में 11 चांसलर मेडल, आठ पर संस्कृत के छात्रों का कब्जा
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महामना की बगिया में देववाणी इस बार सुनहरी आभा से दमकेगी। दस दिसंबर को दीक्षांत के मंच पर इस बार मिलने वाले कुल 11 चांसलर मेडल में सबसे अधिक आठ मेडल संस्कृत के मेधावियों के गले में लटकता दिखाई देगा। यह पहला मौका होगा जब चांसलर मेडल पाने वाले मेधावियों में संस्कृत के छात्रों की संख्या सबसे अधिक होगी।इन छात्रों को महाराजा विभूति नारायण सिंह स्वर्ण पदक और बीएचयू स्वर्ण पदक भी मिलेगा।
आम तौर पर दीक्षांत समारोह के मौके पर कृ षि, विज्ञान, कला, वाणिज्य, चिकित्सा आदि की तुलना में संस्कृत के छात्रों की संख्या थोड़ी कम रहती थी लेकिन इस बार संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय(एसवीडीवी) के छात्रों ने सभी संकायों को पीछे छोड़ चांसलर मेडल पाने वालों की सूची में केवल अपना ही नाम दर्ज कराया है। तीन साल के दीक्षांत समारोह की अगर बात करें तो 2020 में मिलने वाले दो चांसलर मेडल में दोनों संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के नाम ही है।