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BHU: आईएमएस के चार डॉक्टरों सहित सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज, तीन लोगों से फर्जी तरीके से करा रहे थे ड्यूटी

Sun, 22 Jan 2023 07:55 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू आईएमएस से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिसमें चार डॉक्टरों (एमबीबीएस इंटर्न) सहित सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।  प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने इस तरह से पूरा मामला पकड़ा। 
 
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सर सुंदरलाल अस्पताल , बीएचयू - फोटो : फाइल
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विस्तार
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बीएचयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आईएमएस) के चार डॉक्टरों (एमबीबीएस इंटर्न) सहित सात के खिलाफ शनिवार को लंका थाने में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि एमबीबीएस इंटर्न अपनी जगह दूसरे व कम डिग्री वाले लोगों ने इंटर्नशिप करा रहे थे। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने पूरा मामला पकड़ा और फर्जी इंटर्न को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल, सुरक्षा निरीक्षक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 

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दर्ज मुकदमे में डॉ. नितिन, डॉ. शुभम, डॉ. सौमिक डे और डॉ. कृति अरोड़ा को नामजद किया गया है। चारों एमबीबीएस कर चुके हैं। अब आईएमएस के अलग-अलग विभागों में इंटर्नशिप कर रहे थे, लेकिन अपनी जगह दूसरे युवक व युवती को भेजकर फर्जी तरीके से ड्यूटी करा रहे थे। फर्जी इंटर्न की पहचान अमरपुर मंडिया विश्वेश्वरगंज वाराणसी की प्रीती चौहान, मिर्जापुर के अदलहाट थाना के विजुडका के मोहित सिंह और सोनभद्र के अनपरा के डब्ल्यूआईई कालोनी गेट के अभिषेक सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने इन सबके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। सुरक्षा निरीक्षक अरुण कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि नर्सिंग स्टाफ से सूचना मिली थी कि सर सुंदर लाल अस्पताल में एमबीबीएस इंटर्न की जगह कुछ फर्जी लोग ड्यूटी करने आते हैं। सूचना के आधार पर जांच कराई गई तो मोहित सिंह और अभिषेक सिंह एमबीबीएस फर्जी तरीके से इंटर्न के तौर पर ड्यूटी करते पकड़े गए। दोनों को अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय ले जाया गया।

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डॉक्टर के ओपीडी चार्ज की अनोखी पर्ची वायरल - फोटो : iStock
पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह डॉ. नितिन की जगह ड्यूटी कर रहे थे। इसके बदले उन्हें रोजाना प्रति व्यक्ति 600 रुपये के हिसाब से डॉ. नितिन भुगतान करते थे। इसके अलावा दोनों ने डॉ. शुभम और डॉ. सौमिक की जगह भी जनवरी में ड्यूटी की थी। इसका पैसा भी उन्हें मिला था। यह खुलासा होने पर फिर जांच कराई कई तो प्रीती चौहान भी पकड़ी गई। प्रीती चौहान ने बताया कि वह डॉ. कृति अरोड़ा की जगह एमबीबीएस इंटर्न के तौर पर ड्यूटी कर रही थी और उसे भी रोजाना के हिसाब से 600 रुपये मिलते थे। पूछताछ के बाद दोनों युवकों और युवती को लंका थाना पुलिस को सौंप कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपियों को घर भेज दिया। पुलिस का कहना है कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है, उनमें गिरफ्तारी के प्रावधान नहीं हैं। विवेचना में धारा बढ़ाई जाएगी, फिर गिरफ्तारी होगी।  

मामले की जानकारी सीएमओ को दी गई है। जिन लोगोें को नामजद किया गया है, उनकी डिग्री से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।- आरएस गौतम, डीसीपी काशी जोन 
 
धोखाधड़ी के आरोप में बीएचयू आईएमएस के डॉक्टरों सहित सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है। इस संबंध में सीएमओ से भी पत्राचार किया गया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - प्रवीण कुमार सिंह, एसीपी भेलूपुर।
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