देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। पीकू में बिजली गुल होने की समस्या सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने एडीएम से इस पर रिपोर्ट मांगी। एडीएम ने सीएमओ के माध्यम से अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा। अस्पताल के सहायक कुलसचिव और प्रशासनिक अधिकारी विश्वजीत साहा की ओर से करीब दो पेज का जवाब भेजा गया है।
बताया गया है कि बाल रोग विभाग में सभी मेडिकल उपकरण (वेंटिलेटर, फ्यूजन पंप आदि) का बैटरी बैकअप होता है। हालांकि अस्पताल में जेनरेटर बैकअप के माध्यम से बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाती है। पीकू के मरीज के साथ केवल एक ही सहायक हो सकता है।
एक से अधिक सहायक होने से अन्य मरीजों को असुविधा होती है। जिस मरीज की तीमारदार ने वीडियो बनाया, उस मरीज के साथ दो या दो से अधिक सहायक होते हैं। जब मरीज के साथ तीमारदार को भीड़ न लगाने और पीकू के नियमों का अनुसरण करने को कहा गया तो तीमारदार ने वीडियो बनाकर दुष्प्रचार किया।