घड़ी की सूई रात के साढ़े 12 बजा रही थी जब कई थानों की पुलिस हूटर बजाते हुए बीएचयू कैंपस में घुसी और चंद मिनट बाद अनशनकारी छात्रों को गिरफ्तार को अपने साथ बाहर ले आई। 12 अनशनकारी छात्रों को गिरफ्तार करने के लिए 16 थानों की फोर्स पहुंची। एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय और एसपी सिटी सुधाकर यादव की मौजूदगी में छात्रों की गिरफ्तारी हुई। इससे पहले दिन में छात्रों के समर्थन में पहुंचे आप कार्यकर्ताओं के साथ जमकर मारपीट हुई थी, जिससे परिसर में करीब 45 मिनट तक अराजक स्थिति बनी रही।
देर रात लंका चौराहे पर भारी फोर्स की आमद देख लोगों को इस बात का अंदेशा हो गया था कि साइबर लाइब्रेरी 24 घंटे खोलने की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों को हटाने ही पुलिस आई है। दिन में इन छात्रों का समर्थन करने पहुंचे आप कार्यकर्ताओं के साथ जमकर मारपीट हुई थी।
इस घटना के बाद देर शाम डीएम औ एसएसपी भी बीएचयू पहुंचे थै। पहले उन्होंने अनशनकारी छात्रों से मुलाकात कर उन्हें समझाने की भरसक कोशिश की थी। उसके बाद कुलपति से मुलाकात कर अनशन समाप्त कराने की पहल करने की अपील की थी। मगर कुलपति द्वारा छात्रों की मांगे मानने से असमर्थता जताने के बाद देर रात छात्रों की गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तारी के वक्त छात्रों ने ‘वीसी गो बैक’ और ‘बीएचयू प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उन्हें वज्र वाहन में बैठाकर मेडिकल मुआइना के लिए कबीरचौरा अस्पताल ले गई।
यहां मेडिकल परीक्षण के बाद सभी को पुलिस लाइन ले जाया गया। उधर, पूरी रात अलग-अलग थानों की फोर्स बीएचयू कैंपस में चक्रमण करती रही। हास्टलों पर विशेष निगरानी रखी गई। एहतियातन लंका चौराहे पर एक कंपनी पीएसी और फायर ब्रिगेड की टीम भी मुस्तैद रही। पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम के अलावा भेलूपुर, दशाश्वमेध, चेतगंज और कोतवाली के क्षेत्राधिकारी भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थे।
18 मई से अनशन पर बैठे बीएचयू के दो छात्रों की तबीयत बुधवार की शाम अचानक बिगड़ गई। पहले तो मौके पर मेडिकल टीम बुलाई गई और फिर उसके बाद उन्हें बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर शाम करीब सात बजे जिलाधिकारी विजय किरन आनंद और एसएसपी आकाश कुलहरि अनशन पर बैठे छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। मौके पर जिला प्रशासन की ओर से सीएमओ के नेतृत्व में मेडिकल टीम भी पहुंची। अनशन पर बैठे अन्य छात्रों की मेडिकल जांच की गई।
उधर, अनशनकारी छात्रों का आरोप है कि बीएचयू के ही एक छात्रों के गुट ने दोपहर में उन्हें अनशन से हटने की धमकी भी दी थी। उन्होंने लंका थाने में इसकी शिकायत की है। देर शाम अनशन पर बैठे छात्र दीपक सिंह और अविनाश की तबियत बिगड़ गई। उन्हें फौरन बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर इस मामले को लेकर छात्र हाईकोर्ट में पेटिशन दाखिल करने की तैयारी में हैं। छात्रों के समर्थन में दोपहर सद्भावना एकता मंच के प्रतिनिधि छात्रों से मिलने पहुंचे थे।