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बीएचयू कैंपस की नब्ज टटोल रहा खुफिया तंत्र

Sat, 20 Dec 2014 02:14 AM IST
वाराणसी, अमर उजाला ब्यूरो
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प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार बीएचयू आ रहे हैं। मोदी 25 दिसंबर को बीएचयू के स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित समारोह में शिरकत करेंगे। पीएम के आगमन का प्रोटोकाल आने के बाद से ही परिसर में खुफिया तंत्र सतर्क हो गया है। छात्रसंघ चुनाव और एम्स की मांग को लेकर पिछले महीने हुए आंदोलन और बवाल के चलते विश्वविद्यालय कैंपस कई दिनों तक अशांत रहा। छात्र संगठनों की बढ़ती सक्रियता से यह तय है कि आंदोलन से जुड़े लोग पीएम से मुलाकात कर उनके सामने अपनी बात रखने का मंसूबा पाले हुए हैं। वे मोदी तक पहुंचने की हर संभव कोशिश करेंगे। ऐसे में खुफिया एजेंसियों के सामने पीएम की सुरक्षा चुनौती होगी।
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छात्र संगठनों की बढ़ती सक्रियता के बाद खुफिया तंत्र सतर्क हो गया है। छात्रसंगठनों की हरेक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उधर, शुक्रवार को लंका स्थित एक लॉन में हुई छात्र युवा संघर्ष मोर्चा की बैठक में तय किया गया कि छात्रसंघ बहाली के मुद्दे पर सार्थक वार्ता के लिए पीएम से मुलाकात का समय मांगा जाएगा।

युवा कांग्रेस की पूर्वी यूपी की प्रदेश महासचिव श्वेता राय ने कहा कि पीएम यदि मुलाकात का समय नहीं देते हैं तो वाराणसी आगमन पर उनका जोरदार ढंग से विरोध किया जाएगा। बैठक में छात्र युवा साझा मंच के प्रदेश संयोजक गगन प्रकाश यादव एवं अपना दल छात्र मंच के जिलाध्यक्ष सर्वेश सिंह पटेल सहित बीएचयू, काशी विद्यापीठ, संपूर्णानंद संस्कृत विवि एवं राम मनोहर लोहिया पीजी कालेज छात्रसंघ के पूर्व और मौजूदा पदाधिकारी शामिल थे।
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वहीं बीएचयू के शोध छात्र विकास सिंह के नेतृत्व में एनएसयूआई से जुड़े छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पीएम के संसदीय कार्यालय में शुक्रवार को ज्ञापन सौंप उनसे मुलाकात का समय मांगा है। प्रतिनिधिमंडल में पुष्पेंद्र सिंह, आशीष राय, कमलेश प्रताप सिंह, हर्षित सिंह और मनीष दुबे आदि शामिल रहे।
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