कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। कुलपति ने त्रिवेणी कॉम्प्लेक्स में दिव्यांगों के लिए बनाए गए शौचालय का उद्घाटन किया और छात्राओं, वार्डेन, संकाय सदस्यों तथा विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि हॉस्टल और विश्वविद्यालय परिसर में स्वास्थ्य, स्वच्छता, अनुशासन और सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे छात्रावासों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग करें।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि चारू चतुर्वेदी ने महिला सशक्तीकरण पर संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह ने कहा कि छात्र कल्याण विश्वविद्यालय के समग्र शैक्षणिक वातावरण का अहम हिस्सा है और इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
महिला महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रीता सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी 34 छात्रावासों में छात्राओं की सुविधा के लिए सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का बेहतर ध्यान रखा जा सके। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी साझा किए, जिन पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया।