डॉ. रोहतास की मौत की सूचना पाकर उनकी पत्नी मीनू और छोटा भाई शिशपाल परिजनों के साथ शुक्रवार की दोपहर बीएचयू के पोस्टमार्टम पहुंचे। डॉ. रोहतास का शव देखकर उनकी पत्नी मीनू बेसुध हो गईं। परिजन बड़ी मुश्किल से मीनू को संभाले हुए थे। मीनू बार-बार यही कह रही थी कि अभी तो हमारी गृहस्थी की शुरुआत हुई थी। यह क्या अनर्थ हो गया? परिजनों ने बताया कि डॉ. रोहतास और मीनू की शादी लगभग ढाई साल पहले हुई थी और दोनों नि:संतान थे।
डॉ. रोहतास की मौत से विज्ञान संस्थान के छात्र-छात्राएं और सहकर्मी अध्यापक दुखी हैं। शुक्रवार की सुबह 10 बजे से ही छात्र-छात्राएं बीएचयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद थे। सभी की आंखें नम थीं। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि उनके सर अब दुनिया में नहीं हैं। डॉ. रोहतास के सहकर्मी भी उनके असामयिक निधन से स्तब्ध थे।