वहीं बीएचयू की टीम के गांव में पहुंचने से क्षेत्रीय लोगों में उत्साह का माहौल है। माटीगांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर सामान्य धरातल से लगभग दस फीट ऊंचाई पर मौजूद है। मंदिर में विशालकाय स्वयंभू शिव लिंग क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के पूर्व सहायक महानिदेशक वीआर मणि ने माटीगांव में मिले ऐतिहासिक अवशेषों का अवलोकन कर प्रतिमाओं की तिथि करीब 600 से 1200 ईस्वी के मध्य माना। वहीं ईंटों के कुषाण कालीन होने की पुष्टि की थी। इसकी तिथि करीब 80 ईस्वी के आसपास मानी गई है।